Loud is fall of a tree, louder is the fall of a lion! But the loudest of all is, fall of haughty pride!!

चारों तरफ सन्नाटा! हमेशा अपने चरम पर रहने वाले शोरगुल को न जाने किसकी नज़र लग गई थी| कोने-कोने पर वर्षों से एक ही मुद्रा मे खड़ी मूर्तियों को भी लगा की आज उन्हे कई नये साथी मिल गए हैं | दिन हो या रात, हर समय चमकने वाले उस महल को आज मुश्किल से… Continue reading Loud is fall of a tree, louder is the fall of a lion! But the loudest of all is, fall of haughty pride!!