“तुम”

तुम न हो तो जीना बेमानी है, यह बात मैंने हमेशा से मानी है। तुम्हारे बिन मेरी हर कहानी है अधूरी, जैसे बिन तीखी चटनी की पानी पूरी। मेरे हर सुख दुख के साथी हो तुम, मेरा हर राज जानने वाले हो तुम। वह कौन सा किस्सा है मेरा जो तुम नहीं जानते, वह कौन… Continue reading “तुम”